UPPCS प्रारंभिक परीक्षा 2019 · सामान्य अध्ययन I · प्रश्न 26

Read in English · हिंदी अनुवाद: Battle IAS

नीचे दो कथन दिए गए हैं, जिनमें से एक को कथन (A) और दूसरे को कारण (R) कहा गया है।

कथन (A): भारत के संविधान का अनुच्छेद 30 ‘अल्पसंख्यक’ शब्द को परिभाषित नहीं करता।

कारण (R): संविधान केवल भाषाई और धार्मिक अल्पसंख्यकों को मान्यता देता है।

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:

  1. a (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है
  2. b (A) और (R) दोनों सही हैं, किंतु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है
  3. c (A) सही है, किंतु (R) ग़लत है
  4. d (A) ग़लत है, किंतु (R) सही है
उत्तर (b) · Battle IAS द्वारा जाँचा गया

विकल्प (b) सही है: दोनों कथन सही हैं, किंतु R, A की व्याख्या नहीं करता। A सही है: संविधान में, अनुच्छेद 30 सहित, कहीं भी ‘अल्पसंख्यक’ शब्द की परिभाषा नहीं है। R सही है: अनुच्छेद 29 और 30 केवल धर्म या भाषा पर आधारित अल्पसंख्यकों को मान्यता देते हैं और उन्हें अपनी पसंद की शिक्षण संस्थाएँ स्थापित करने और चलाने का अधिकार देते हैं। लेकिन दो प्रकार के अल्पसंख्यकों को मान्यता देना एक अलग तथ्य है, इससे यह स्पष्ट नहीं होता कि शब्द को अपरिभाषित क्यों छोड़ा गया, इसलिए (a) ग़लत है। विकल्प (c) और (d) ग़लत हैं, क्योंकि दोनों कथन सही हैं। अवधारणा: 2002 के टी.एम.ए. पाई मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि अल्पसंख्यक का दर्जा राज्य-वार तय होगा। 1992 के राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग अधिनियम के अंतर्गत छह धार्मिक अल्पसंख्यक अधिसूचित हैं: मुसलमान, ईसाई, सिख, बौद्ध, पारसी और जैन।

सावधानी

संविधान ‘अल्पसंख्यक’ को परिभाषित नहीं करता, और दो प्रकारों को मान्यता देना इसकी व्याख्या नहीं है।

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