UPPCS प्रारंभिक परीक्षा 2021 · सामान्य अध्ययन I · प्रश्न 124

Read in English · हिंदी अनुवाद: Battle IAS

‘कार्बन क्रेडिट’ की अवधारणा कहाँ से उत्पन्न हुई?

  1. a पृथ्वी सम्मेलन, रियो डी जनेरियो
  2. b क्योटो प्रोटोकॉल
  3. c मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल
  4. d G-8 शिखर सम्मेलन, हेलिजेनडम
उत्तर (b) · Battle IAS द्वारा जाँचा गया

विकल्प (b), क्योटो प्रोटोकॉल, सही है। UNFCCC के अंतर्गत 1997 में अपनाए गए और 2005 से लागू क्योटो प्रोटोकॉल ने विकसित (अनुलग्नक I) देशों के लिए उत्सर्जन में बाध्यकारी कटौती तय की। इसने तीन बाज़ार तंत्र बनाए: उत्सर्जन व्यापार, संयुक्त कार्यान्वयन, और स्वच्छ विकास तंत्र (CDM), जिसके अंतर्गत विकासशील देशों की परियोजनाएँ प्रमाणित उत्सर्जन कटौतियाँ अर्जित करती हैं। एक कार्बन क्रेडिट एक टन CO₂-समतुल्य की कटौती के बराबर है। रियो पृथ्वी सम्मेलन (a), 1992, ने स्वयं UNFCCC बनाया। मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल (c), 1987, ओज़ोन-क्षयकारी पदार्थों से संबंधित है। G8 हेलिजेनडम शिखर सम्मेलन (d), 2007, में जलवायु पर चर्चा हुई, लेकिन कार्बन क्रेडिट नहीं बने। अवधारणा: अब पेरिस समझौते का अनुच्छेद 6 कार्बन बाज़ारों को नियंत्रित करता है, और भारत ने 2023 में अपनी कार्बन क्रेडिट व्यापार योजना शुरू की।

सावधानी

रियो (1992) ने UNFCCC बनाया, लेकिन कार्बन क्रेडिट क्योटो प्रोटोकॉल के बाज़ार तंत्रों से आए।

संबंधित UPPCS प्रश्न

UPPCS प्रारंभिक 2021 के सभी प्रश्न →