UPPCS प्रारंभिक परीक्षा 2021 · सामान्य अध्ययन I · प्रश्न 71

Read in English · हिंदी अनुवाद: Battle IAS

सामाजिक विकास की तीन अवस्थाओं का सिद्धांत मूल रूप से किसने प्रतिपादित किया था?

  1. a कार्ल मार्क्स
  2. b टैलकॉट पार्सन्स
  3. c हर्बर्ट स्पेंसर
  4. d ऑगस्ट कॉम्ट
उत्तर (d) · Battle IAS द्वारा जाँचा गया

विकल्प (d), ऑगस्ट कॉम्ट, सही है। ‘समाजशास्त्र’ शब्द गढ़ने वाले फ़्रांसीसी विचारक ऑगस्ट कॉम्ट ने 1820-1830 के दशकों में ‘तीन अवस्थाओं का नियम’ प्रस्तुत किया: मानव चिंतन और समाज धार्मिक अवस्था (घटनाओं की व्याख्या देवताओं और आत्माओं से), तात्त्विक अवस्था (अमूर्त शक्तियाँ), और प्रत्यक्षवादी या वैज्ञानिक अवस्था (अवलोकन और नियम) से होकर गुज़रते हैं। कार्ल मार्क्स (a) ने आदिम साम्यवाद से साम्यवाद तक उत्पादन-प्रणालियों पर आधारित अवस्था-सिद्धांत दिया। टैलकॉट पार्सन्स (b) ने संरचनात्मक प्रकार्यवाद और AGIL योजना विकसित की। हर्बर्ट स्पेंसर (c) ने विकासवाद को समाज पर लागू किया और ‘योग्यतम की उत्तरजीविता’ शब्द दिया। अवधारणा: कॉम्ट को समाजशास्त्र और प्रत्यक्षवाद का जनक कहा जाता है।

सावधानी

मार्क्स ने भी ऐतिहासिक अवस्थाओं का वर्णन किया, लेकिन तीन अवस्थाओं का नियम कॉम्ट का है।

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