UPPCS प्रारंभिक परीक्षा 2024 · सामान्य अध्ययन I · प्रश्न 100
Read in English · हिंदी अनुवाद: Battle IAS
नीचे दो कथन दिए गए हैं, जिनमें से एक को कथन (A) और दूसरे को कारण (R) कहा गया है –
कथन (A) : भारत के संविधान के अनुसार, एक ही व्यक्ति एक साथ दो या अधिक राज्यों के राज्यपाल के रूप में कार्य नहीं कर सकता।
कारण (R) : भारतीय संविधान का अनुच्छेद 153 कहता है कि प्रत्येक राज्य के लिए एक राज्यपाल होगा।
नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए –
- a (A) और (R) दोनों सही हैं, परंतु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है
- b (A) ग़लत है, परंतु (R) सही है
- c (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है
- d (A) सही है, परंतु (R) ग़लत है
उत्तर (b) · Battle IAS द्वारा जाँचा गया
विकल्प (b), (A) ग़लत परंतु (R) सही, सही है। कथन ग़लत है: संविधान एक ही व्यक्ति को एक साथ दो या अधिक राज्यों का राज्यपाल बनने की अनुमति देता है। 7वें संशोधन (1956) द्वारा जोड़ा गया अनुच्छेद 153 का परंतुक कहता है कि कोई बात एक व्यक्ति को दो या अधिक राज्यों का राज्यपाल नियुक्त करने से नहीं रोकेगी। कारण सही है: अनुच्छेद 153 वास्तव में कहता है कि प्रत्येक राज्य के लिए एक राज्यपाल होगा। अवधारणा: व्यवहार में एक राज्यपाल प्रायः पड़ोसी राज्य का अतिरिक्त प्रभार सँभालता है। जब एक व्यक्ति एक से अधिक राज्यों का राज्यपाल होता है, तो अनुच्छेद 158(3A) कहता है कि उसकी उपलब्धियाँ राज्यों के बीच राष्ट्रपति द्वारा तय अनुपात में बाँटी जाती हैं। अनुच्छेद 155 नियुक्ति से, और अनुच्छेद 156 पाँच वर्ष के कार्यकाल से संबंधित है।
अनुच्छेद 153 का परंतुक (7वाँ संशोधन) दो राज्यों के लिए एक राज्यपाल की अनुमति देता है।
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