UPPCS प्रारंभिक परीक्षा 2024 · सामान्य अध्ययन I · प्रश्न 60

Read in English · हिंदी अनुवाद: Battle IAS

नीचे दो कथन दिए गए हैं, जिनमें से एक को कथन (A) और दूसरे को कारण (R) कहा गया है –

कथन (A) : द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान खोजी गई जेट धाराएँ अधिक ऊँचाई पर चलने वाली पूर्वी पवनें हैं।

कारण (R) : जेट धाराएँ 300 – 500 किमी/घंटा की गति से बहती हैं।

नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए –

  1. a (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है
  2. b (A) ग़लत है, परंतु (R) सही है
  3. c (A) और (R) दोनों सही हैं, परंतु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है
  4. d (A) सही है, परंतु (R) ग़लत है
उत्तर (b) · Battle IAS द्वारा जाँचा गया

विकल्प (b), (A) ग़लत परंतु (R) सही, सही है। कथन ग़लत है: द्वितीय विश्व युद्ध में बमवर्षक पायलटों द्वारा देखी गई जेट धाराएँ ऊपरी क्षोभमंडल में, लगभग 9-14 किमी पर, अत्यंत तेज़ पवनों की संकरी पट्टियाँ हैं, पर ये मुख्यतः पश्चिम से पूर्व की ओर बहती हैं। उपोष्ण पछुआ जेट और ध्रुवीय वाताग्र जेट पछुआ हैं। केवल ग्रीष्म में भारत के ऊपर मौसमी उष्णकटिबंधीय पूर्वी जेट पूर्वी है। कारण, जैसा पाठ्यपुस्तकें बताती हैं, सही है: जेट धाराओं के केंद्र लगभग 300-500 किमी प्रति घंटे की गति तक पहुँचते हैं। अवधारणा: उपोष्ण पछुआ जेट शीत ऋतु में हिमालय के दक्षिण में रहती है और पश्चिमी विक्षोभ लाती है। जून में इसका तिब्बती पठार के उत्तर में खिसकना मानसून के प्रस्फोट में सहायक होता है।

सावधानी

जेट धाराएँ द्वितीय विश्व युद्ध में बमवर्षक पायलटों ने देखीं; (R) सही है, पर (A) का विवरण सही नहीं।

संबंधित UPPCS प्रश्न

UPPCS प्रारंभिक 2024 के सभी प्रश्न →