UPPCS प्रारंभिक परीक्षा 2019 · सामान्य अध्ययन I · प्रश्न 104

Read in English · हिंदी अनुवाद: Battle IAS

नीचे दो कथन दिए गए हैं, जिनमें से एक को कथन (A) और दूसरे को कारण (R) कहा गया है।

कथन (A): केंद्रीय क़ानूनों की संवैधानिक वैधता के संबंध में भारत के सर्वोच्च न्यायालय को अनन्य अधिकारिता प्राप्त है।

कारण (R): सर्वोच्च न्यायालय भारतीय संविधान का संरक्षक है।

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:

  1. a (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है
  2. b (A) और (R) दोनों सही हैं, किंतु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है
  3. c (A) सही है, किंतु (R) ग़लत है
  4. d (A) ग़लत है, किंतु (R) सही है
उत्तर (a) · Battle IAS द्वारा जाँचा गया

विकल्प (a) आधिकारिक उत्तर है: उत्तर-कुंजी दोनों कथनों को सही और R को A की व्याख्या मानती है, क्योंकि संविधान के संरक्षक के रूप में केंद्रीय क़ानूनों की वैधता पर अंतिम निर्णय सर्वोच्च न्यायालय का होता है। R निश्चित रूप से सही है: सर्वोच्च न्यायालय संविधान का संरक्षक और अंतिम व्याख्याता है। हालाँकि, कड़ाई से देखें तो यह शक्ति अनन्य नहीं है: 42वें संशोधन द्वारा सर्वोच्च न्यायालय को केंद्रीय क़ानूनों पर अनन्य शक्ति देने के लिए जोड़ा गया अनुच्छेद 131A, 1977 के 43वें संशोधन द्वारा हटा दिया गया, और उच्च न्यायालय अनुच्छेद 226 के अंतर्गत केंद्रीय क़ानूनों को रद्द कर सकते हैं। विकल्प (b), (c) और (d) उत्तर-कुंजी में स्वीकार्य नहीं हैं। अवधारणा: मिनर्वा मिल्स (1980) और एल. चंद्र कुमार (1997) मामलों के अनुसार न्यायिक पुनरावलोकन संविधान का मूल ढाँचा है। ऐसे कथन-कारण प्रश्नों को उत्तर-कुंजी के व्यापक दृष्टिकोण से पढ़ें।

सावधानी

उत्तर-कुंजी (a) को स्वीकार करती है, हालाँकि अनुच्छेद 131A हटने के बाद कड़ाई से यह शक्ति अनन्य नहीं है।

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