UPPCS प्रारंभिक परीक्षा 2023 · सामान्य अध्ययन I · प्रश्न 11

Read in English · हिंदी अनुवाद: Battle IAS

मौलिक अधिकारों का उल्लंघन रोकने के लिए कुछ रिट जारी करने की सर्वोच्च न्यायालय की शक्तियों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए –

  • 1. सर्वोच्च न्यायालय को मौलिक अधिकारों के प्रवर्तन के लिए उपयुक्त बंदी प्रत्यक्षीकरण, परमादेश, प्रतिषेध, अधिकार-पृच्छा और उत्प्रेषण जैसी रिट जारी करने की शक्ति है।
  • 2. संसद क़ानून द्वारा किसी अन्य न्यायालय को अपनी अधिकारिता के भीतर सर्वोच्च न्यायालय को दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए सशक्त कर सकती है।

उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए –

  1. a 1 और 2 दोनों
  2. b केवल 1
  3. c केवल 2
  4. d न तो 1, न ही 2
उत्तर (a) · Battle IAS द्वारा जाँचा गया

विकल्प (a), दोनों, सही है। कथन 1 अनुच्छेद 32(2) को दोहराता है: सर्वोच्च न्यायालय मौलिक अधिकारों के प्रवर्तन के लिए बंदी प्रत्यक्षीकरण, परमादेश, प्रतिषेध, अधिकार-पृच्छा और उत्प्रेषण सहित निदेश, आदेश या रिट जारी कर सकता है। कथन 2 अनुच्छेद 32(3) को दोहराता है: संसद क़ानून द्वारा किसी अन्य न्यायालय को अपनी स्थानीय सीमाओं के भीतर इन शक्तियों का प्रयोग करने के लिए सशक्त कर सकती है, हालाँकि संसद ने अभी तक ऐसा नहीं किया है। विकल्प (b), (c) और (d) ग़लत हैं। अवधारणा: अंबेडकर ने अनुच्छेद 32 को संविधान का ‘हृदय और आत्मा’ कहा। उच्च न्यायालय अनुच्छेद 226 के अंतर्गत मौलिक अधिकारों और अन्य विधिक अधिकारों के लिए रिट जारी कर सकते हैं, इसलिए उनकी रिट शक्ति अधिक व्यापक है। अनुच्छेद 32 मूल ढाँचे का भाग है।

सावधानी

अनुच्छेद 32(3) संसद को अन्य न्यायालयों को सशक्त करने देता है; दोनों कथन सही हैं।

संबंधित UPPCS प्रश्न

UPPCS प्रारंभिक 2023 के सभी प्रश्न →