UPPCS प्रारंभिक परीक्षा 2020 · सामान्य अध्ययन I · प्रश्न 124
Read in English · हिंदी अनुवाद: Battle IAS
भारत के महान्यायवादी के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. राष्ट्रपति ऐसे व्यक्ति को नियुक्त करेंगे जो उच्चतम न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त होने की योग्यता रखता हो।
- 2. महान्यायवादी ऐसा पारिश्रमिक प्राप्त करेगा जो संसद निर्धारित करे।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
- a केवल 1 सही है
- b केवल 2 सही है
- c 1 और 2 दोनों सही हैं
- d न तो 1, न ही 2 सही है
उत्तर (a) · Battle IAS द्वारा जाँचा गया
विकल्प (a), केवल 1, सही है। कथन 1: अनुच्छेद 76 के अंतर्गत राष्ट्रपति ऐसे व्यक्ति को महान्यायवादी नियुक्त करते हैं जो उच्चतम न्यायालय का न्यायाधीश बनने की योग्यता रखता हो। कथन 2 ग़लत है, क्योंकि महान्यायवादी को वह पारिश्रमिक मिलता है जो राष्ट्रपति निर्धारित करें, संसद नहीं, और वह राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत पद धारण करता है, जिसका कोई निश्चित कार्यकाल नहीं है। विकल्प (b), (c) और (d) ग़लत हैं। अवधारणा: महान्यायवादी भारत का सर्वोच्च विधि अधिकारी है और किसी भी न्यायालय में उपस्थित हो सकता है तथा संसद में बोल सकता है, पर मत नहीं दे सकता (अनुच्छेद 88)। महान्यायवादी मंत्रिमंडल का सदस्य नहीं होता और निजी वकालत कर सकता है, लेकिन सरकार के विरुद्ध नहीं। आर. वेंकटरमणी अक्टूबर 2022 में महान्यायवादी बने।
महान्यायवादी का पारिश्रमिक राष्ट्रपति तय करते हैं, संसद नहीं।
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