UPPCS प्रारंभिक परीक्षा 2021 · सामान्य अध्ययन I · प्रश्न 39

Read in English · हिंदी अनुवाद: Battle IAS

नीचे दो कथन दिए गए हैं, जिनमें से एक को कथन (A) और दूसरे को कारण (R) कहा गया है:

कथन (A): सरकार को अवरोध-जनित (बॉटलनेक) मुद्रास्फीति से निपटने में कठिनाई का सामना करना पड़ता है।

कारण (R): यह स्थिति अर्थव्यवस्था में विद्यमान कमियों, जैसे आपूर्ति में अवरोध और अकुशल वितरण, के कारण है।

नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए।

  1. a (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है
  2. b (A) और (R) दोनों सही हैं, परंतु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है
  3. c (A) सही है, परंतु (R) ग़लत है
  4. d (A) ग़लत है, परंतु (R) सही है
उत्तर (a) · Battle IAS द्वारा जाँचा गया

विकल्प (a) सही है: दोनों सही हैं और R, A की व्याख्या करता है। कथन: अवरोध-जनित मुद्रास्फीति से निपटना कठिन है, क्योंकि यह आपूर्ति-पक्ष की मुद्रास्फीति है, अतिरिक्त माँग से प्रेरित नहीं। कारण: यह संरचनात्मक कमियों से उत्पन्न होती है, जैसे आपूर्ति में अवरोध, कमज़ोर अवसंरचना, अकुशल वितरण, फ़सल का नष्ट होना और जमाख़ोरी, जो माँग सामान्य होने पर भी मूल्य बढ़ा देती हैं। ब्याज दरें बढ़ाने जैसे माँग-प्रबंधन के उपाय ऐसी कमी को दूर नहीं कर सकते, इसीलिए सरकारों को कठिनाई होती है। इसलिए विकल्प (b), (c) और (d) ग़लत हैं। अवधारणा: अन्य प्रकारों में माँग-प्रेरित, लागत-प्रेरित और संरचनात्मक मुद्रास्फीति शामिल हैं। भंडारण, बफ़र स्टॉक, आयात शुल्क में कटौती और बेहतर लॉजिस्टिक्स जैसे आपूर्ति-पक्ष के उपाय सहायक होते हैं। मुद्रास्फीतिजनित मंदी (स्टैगफ़्लेशन) में ऊँची मुद्रास्फीति के साथ ठहरी हुई वृद्धि होती है।

सावधानी

अवरोध-जनित मुद्रास्फीति आपूर्ति-पक्ष की होती है, इसलिए R, A की व्याख्या करता है।

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