UPPCS प्रारंभिक परीक्षा 2024 · सामान्य अध्ययन I · प्रश्न 116

Read in English · हिंदी अनुवाद: Battle IAS

नीचे दो कथन दिए गए हैं, जिनमें से एक को कथन (A) और दूसरे को कारण (R) कहा गया है –

कथन (A) : विदेशी मुद्रा की माँग और पूर्ति द्वारा निर्धारित राष्ट्रीय मुद्रा का मूल्य लचीली विनिमय दर कहलाता है।

कारण (R) : विदेशी मुद्रा की माँग और पूर्ति केंद्रीय बैंक द्वारा निर्धारित की जाती है।

नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए –

  1. a (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है
  2. b (A) ग़लत है, परंतु (R) सही है
  3. c (A) और (R) दोनों सही हैं, परंतु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है
  4. d (A) सही है, परंतु (R) ग़लत है
उत्तर (d) · Battle IAS द्वारा जाँचा गया

विकल्प (d), (A) सही परंतु (R) ग़लत, सही है। कथन सही है: लचीली या तिरती विनिमय दर राष्ट्रीय मुद्रा का वह मूल्य है जो विदेशी मुद्रा की बाज़ार माँग और पूर्ति से तय होता है, और ये व्यापार, निवेश तथा प्रेषित धन से आती हैं। कारण ग़लत है: केंद्रीय बैंक विदेशी मुद्रा की माँग और पूर्ति निर्धारित नहीं करता। वह केवल तीव्र उतार-चढ़ाव को कम करने के लिए डॉलर ख़रीद या बेचकर हस्तक्षेप कर सकता है। अवधारणा: 1992 की LERMS दोहरी दर के बाद भारत ने 1993 में बाज़ार-निर्धारित विनिमय दर अपनाई। RBI लगभग US$700 बिलियन के विदेशी मुद्रा भंडार के सहारे ‘प्रबंधित तिरती दर’ अपनाता है। ब्रेटन वुड्स जैसी स्थिर या बँधी दर सरकार तय करती है।

सावधानी

तिरती दर में मूल्य बाज़ार तय करता है, केंद्रीय बैंक नहीं।

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